Gurugram: सीवर प्लांट यमुना को कर रहा प्रदूषित, GMDA को नोटिस
इस संयंत्र के 'कंसेंट टू ऑपरेट' (संचालन की अनुमति) की समय-सीमा भी खत्म हो चुकी है। अधिकारी ने कार्यकारी अभियंता से 2018 से अब तक इस संयंत्र पर काम करने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों की जानकारी मांगी है।

Gurugram News Network – धनवापुर में स्थित गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (GMDA) का सीवर शोधन संयंत्र (STP) यमुना नदी को प्रदूषित कर रहा है। यह चौंकाने वाला खुलासा हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) की जांच रिपोर्ट में हुआ है। रिपोर्ट के आधार पर HSPCB ने GMDA के कार्यकारी अभियंता को नोटिस जारी किया है।
HSPCB की क्षेत्रीय अधिकारी आकांक्षा तंवर ने GMDA के कार्यकारी अभियंता पारिक गर्ग को नोटिस भेजा है। नोटिस में बताया गया है कि धनवापुर में 100 मिलियन लीटर प्रतिदिन (MLD) क्षमता का सीवर शोधन संयंत्र दिसंबर 2018 से ठीक से काम नहीं कर रहा है। यह संयंत्र सीवर के गंदे पानी को तय मानकों के हिसाब से साफ करने में नाकाम साबित हुआ है।
इस संयंत्र के ‘कंसेंट टू ऑपरेट’ (संचालन की अनुमति) की समय-सीमा भी खत्म हो चुकी है। अधिकारी ने कार्यकारी अभियंता से 2018 से अब तक इस संयंत्र पर काम करने वाले अधिकारियों और ठेकेदारों की जानकारी मांगी है।
धनवापुर में कुल तीन सीवर शोधन संयंत्र हैं, जिनकी कुल क्षमता 100 MLD, 68 MLD और 50 MLD है। लेकिन, इन संयंत्रों में रोज़ाना 250 से 275 MLD गंदा पानी पहुंच रहा है। क्षमता से ज़्यादा पानी आने के कारण ये संयंत्र पानी को सही से साफ नहीं कर पा रहे हैं।

राष्ट्रीय हरित अभिकरण (NGT) ने पहले ही आदेश दिए हैं कि यमुना में प्रदूषित पानी न डाला जाए। NGT ने कहा है कि गंदे पानी को तय मानकों के तहत ही साफ किया जाए और साफ किए गए पानी का इस्तेमाल खेती और हरियाली के लिए किया जाए। यमुना में कम से कम पानी डाला जाए। हालांकि, धनवापुर संयंत्र से निकलने वाले साफ पानी का सिर्फ 10 प्रतिशत ही इस्तेमाल हो पा रहा है।
HSPCB के एक अधिकारी ने बताया कि अभी तक GMDA अधिकारियों और ठेकेदारों की सूची नहीं मिली है। यह सूची मिलते ही अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ यमुना को प्रदूषित करने के आरोप में पर्यावरण अदालत में याचिका दायर की जाएगी।











